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झांसा

हर्ष श्रीवास नामक एक वेब -सीरीज के डायरेक्टर द्वारा मुझे रूम दिलाने के नाम पर झांसा देकर 27000/ रूपये लेना और अभी तक नहीं लौटाना. 

महोदय जी, 

मुझे हर्ष श्रीवास नामक वेब -सीरीज के डायरेक्टर ने 7 नवंबर 19 को मुंबई बुलाया और 2 दिन मे रूम दिलाता हूं कहकर 7 नवंबर को ही मुझे उसकी बीबी हंसा श्रीवास के अकाउंट no. मे तीन महीने का एडवांस रेंट 27000/ रु. ट्रांसफर करने कहा. मुझे उसने उसी दिन कहा कि वो मेरी लिखी वेब -सीरीज मिशन मुंबई का मुहूर्त 25 नवंबर को कर रहा है. मुझे मुहूर्त मे प्रेजेंट रहना होगा और कौन से गेस्ट मेरी ओर से होंगे?  ये भी उसने भेजनें कहा. और मुझसे उसे रूम के रूपये जल्दी ही भेजनें को कहा. 

मैंने अगले दिन 8 नवंबर को बेटे पराक्रम साहू के अकाउंट no. sbi से उसकी बीबी हँसा श्रीवास के खाते मे 27000/ रु. ट्रांसफर कर दिए. 

उसके बाद उसे कई बार कॉल करने पर भी उसने न तो कॉल लिया न ही रूम के बारे मे कुछ बताया न ही वेब -सीरीज के लिए आगे कुछ कहा. 

बहुत बार कॉल किये तब बहुत मुश्किल से बताया कि वो हैदराबाद मे है. पहले 17 नवंबर को मीटिंग को बताया फिर बोला बिजी हूं अब सीधे अगले संडे मिलेगा. पर न तो वो आया न मिला. न उसने रूम दिलाया. न वेब -सीरीज की कोई बात किया. 

उसने बार -बार मैसेज करने पर मुझे धमकी देने लगा कि what u r writing. 

ऐसा अंग्रेजी बोलकर ठगी को अंजाम दिया. ज़ब 15 दिन होने लगे तो मैंने भाई अभय पाण्डेय जी अध्यक्ष (उत्तर -पश्चिम हिंदी भाषी )राकांपा से फ़ोन करवाई तो सुमित नामक दलाल का no. ये no. पर कांटेक्ट करने कहा. पर सुमित फ़ोन नहीं उठाया. फिर बोला -अभी 15-20 दिनों मे रूम तैयार होगा. 

मै 13दिनों से भाई के यंहा रुकी थी. रूम न मिलने से दूसरे रूम का डिपाजिट देकर गांव चली गई और बेटे को लेकर नया रूम रेंट पर लेकर रहने लगी. 

हमने बहुत मिन्नतें किये. गिड़गिड़ाई पर हर्ष श्रीवास नहीं पसीजा और उल्टे मेरे भाई को मेरी शिकायत किया कि ये हमें मैसेज करती है. 

सुमित से पैसे मांगने बोला तो सुमित को कॉल करने पर वो बदतमीज़ी कर धमाकने लगा कि तू ज्यादा बात मत करना, समझी. 

इधर हर्ष श्रीवास मेरे पहचान वालों को कहता ये हमको कॉल करती है. उल्टे मेरी शिकायत कर मेरी चुगली उन्हीं भाई से करता जो मेरे पैसे लौटाने उससे मिन्नतें करते. 

फिर वो मुझे बोला -तू तो जिंदगी भर परेशान ही रहेगी. क्यों कि तूने हमें पैसे ट्रांसफर कर दी. तू बहुत बेवकूफ मुर्ख औरत है. हमने तेरे सिर पर बंदूक रखकर तुझसे पैसे जमा करने कहे थे क्या? 

उसकी अनाप -शनाप बातों से और अपशब्दों से आहत होकर मैने पुलिस कमिशनर जी को दो शिकायत रजिस्टर पोस्ट से की. 

इस बीच वो डायरेक्टर हर्ष श्रीवास और सुमित दबंगई कर मेरा भयादोहन करते रहे. 

एक विजय नामक लड़के जिसने इस डायरेक्टर से परिचित कराया था मुझे कहलवाया कि मै पुलिस मे नहीं जाऊंगी. यंही मेरे लिए ठीक होगा वरना अंजाम ठीक नहीं होगा. 

विजय जिसका मोबाइल no. है ने बार -बार कहा कि मै पुलिस मे नहीं जाऊ. 

पर ज़ब सुमित और हर्ष श्रीवास की धमकी और दबंगई बढ़ गई तो मै पुलिस मे गई कम्प्लेन की जिसकी सामने की फोटो भेज रही हूं. 

इंस्पेक्टर लोखंडे साहब ने मेरे सामने उसे कॉल किये तो न तो हर्ष फ़ोन उठाता है न सुमित. 

मै फ़ोन करती तो वे लोग मेरी शिकायत करते है. 

मै इस आदमी को नहीं जानती थी विजय ने पहचान कराया था. 

मै इस कांड से बहुत आहत व विचलित हूं. 

मेरी चिंता से नींद खत्म हो गई और मै सुमित और हर्ष श्रीवास की धमकी व दबंगई पूर्ण जालसाजी से डरी हुई हूं. 

रूम का किराया भी भरना है और खर्च भी चलाना है. मुझे तबियत खराब होने से अपना व बेटे का इलाज कराना पड़ता है. खाने को पैसे नहीं तो भाई के यंहा से पैसे लाकर खा कर किसी तरह टाइम व्यतीत कर रही. 

हर्ष श्रीवास के इस विश्वासघात से मन डरा हुआ है. अब किसी पर विश्वास नहीं रहा. 

हमने विश्वास कर पैसे 27000/ जमा कर दिए तो वो ज़ब बोला कि तेरे सिर पर गन रखकर हमने पैसे जमा करने बोले थे क्या? 

उसकी ऐसी उल्टी हेकड़ी भरी बातें सुनने से मुझे जलील होना पड़ा और मैंने उसे एक बड़ा डायरेक्टर समझ ली थी तो अपनी गलती पर पछतावा भी होता रहा. इस वक़्त मुझे बहुत ज्यादा चिंता है कि इस मुश्किल वक़्त मे वो कथित डायरेक्टर जो मुझसे इतनी बड़ी रकम झांसे से ले कर मुझे धमकी दे रहा है इससे मै चिंता मे घुल रही हूं. 

मैंने सबसे मिन्नतें कि पर वो कथित डायरेक्टर डॉन की तरह हमें धमकी दे रहा डरा रहा है. और मेरे पैसे नहीं लौटा रहा. वो पुलिस को भी झांसा दे रहा है. अतः कृपया मेरी मदद करें और मुझ गरीब नारी से हुई धोखाधड़ी के साथ उसके द्वारा की जा रही दूसरी भी धोखाधडी का पर्दाफाश कर मेरी फंसी रकम हर्ष श्रीवास से वापस दिलाई जाने की कृपा करें. 

हर्ष श्रीवास का मोबाइल /व्हाट्सप्प –

सुमित –

विजय नैन

वनराई थाने गोरेगांव मे कम्प्लेन दर्ज है. 


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