फ़िल्मी दुनिया का सच

फ़िल्मी दुनिया का सच

परसों मुझे एक डायरेक्टर ने एक iftda के मीटिंग में बुलाया और खुद गायब हो गया. ज़ब पहुंची तो फोन भी नहीं उठा रहा था.

ऐसे धोखेबाज लोग यंहा बहुत है आपको इतना घुमाएंगे कि आप परेशान होकर फिल्मों में काम खोजना बंद कर देंगे ये लोग अपने आप को फ़िल्म का खुदा समझते है पर होते कुछ नहीं.

एक ममता नामक डायरेक्टर ने मुझसे पूरी स्क्रिप्ट लिखवाई और गायब हो गईं वो औरत इतनी अहसान फ़रामोश है कि एक चाय तक नहीं पिला सकी.

आगे भी वो मुझसे शार्ट स्टोरीज और जाने क्या क्या मंगवाती रही. मेरी डिप्रेशन की थ्योरी पर शार्ट मूवी बनाकर उसने इंटरनेशनल पुरस्कार भी जीत ली और इसी तरह के हठकंडे अपनाती रही.

उसे कभी इन बातों का अफ़सोस भी नहीं होता. हमसे 50लाख मांगती कि फ़िल्म बनायेगी. वंही कहती तुम बनाओ मै डायरेक्ट करूंगी.

ये सब महा ठग किसी को ठगने के बाद ऐसे गायब होंगे कि ढूंढ़ते रह जाओगे.

सीधे इंसान के पीछे पड़े रहते है लूट -खसोट करना ही इनका पेशा है और फ़िल्म इंडस्ट्री ऐसे ही धोखेबाज लोगो से भरी है.

मुझसे उसी मोहतरमा के पति ने कहा था तुम जो एक्टिंग इंस्टिट्यूट खोलोगी उसके मै हर माह के 1लाख लूंगा. मै सिखाऊंगा योगा…

मैंने उसे चलता किया बातचीत बंद रही.

मेरी स्क्रिप्ट मांगी तो कहती है गुम हो गईं मुझसे मेरे सांग का बैकअप मंगवाई और कहती है गुम हो गया.

मै सोचती हूँ भई!तुम गुम नहीं हुई ये अच्छी बात है.

ज़ब भी बात करती है शहद घोलकर मीठी आवाज में करती है ऐसी मिठास से बोलेगी कि आप सब लूटा देंगे.

एक आदमी को पोट कर मूवी बना ली अब रिलीज नहीं हो रही अपना पैसा बनाकर छोड़ दी प्रोडूसर को मँझदार में..

ऐसे कितने है जो प्रोडूसर को बेवकूफ बनाकर पैसा बनाकर पल्ला झाड़ कर निकल लिए. प्रोडूसर भी तो हम जैसों का नहीं सुनते.

वो लेडी मेरे पति की मृत्यु के बाद आई थी मुझे और बेटे को अच्छा लगा था क्योंकि हम दोनों ही अकेले थे. आकर बोलती है कि तुम यदि फ्लैट खरीद रही हो तो मालवणी साइड बन रहे प्रोजेक्ट में पैसा इन्वेस्टमेंट कर दो.

मैंने मना कर दी ये कहकर कि हमें रेडी फ्लैट ही लेंगे अधूरा नहीं.

फिर कहने लगी -तुम तो दूसरी स्क्रिप्ट नहीं दोगी?

मैंने मना कर दी.

कहती है ऐसा करो तुम्हारा बेटा जो शेयर मार्किट में ट्रेड करता है मेरे परिचित को अपने अकाउंट में करने देगा मुनाफे के 50%मिलेगा.

मुझे गुस्सा आ गया उस वक़्त चुप रही. पर बाद में मैंने उसे अच्छा डांट पिलाई कि कोई अनजान क्यों हमारे अकॉउंट को access करेगा? पागल समझती है क्या?

और मेरा बेटा दूसरों के दिमाग़ से ट्रेडिंग नहीं कर रहा समझी!

वो गड़बड़ा गईं कहती है..अरे!दोस्त कहा है ना…

मै अभी उसे मैसेज नहीं कर रही वरना अपने ठग गिरोह के साथ कुछ नया प्लान लेकर अवतरित हो जायेगी.

और कहेगी -दोस्त कहा है ना..

तो यंहा मुंबई फ़िल्म इंडस्ट्री में दोस्त को घोस्ट बनाने वाले कम नहीं. सब ठगी करते है और एक दूसरे की पोल पट्टी भी नहीं खुलने देते.

ये फ़िल्म इंडस्ट्री ठगों से भरी पड़ी है इसलिए सावधान रहे. यंहा लूट -पाट खुलकर होती है.

जोगेश्वरी सधीर 

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