सदियों से /अविचल /अविरल /अविराम /ज़ब भी /कोई प्यास /अधरों तक पहुंची है /हुई है /बहुत बदनाम....

मुग्धा काव्य

सदियों से /अविचल /अविरल /अविराम /ज़ब भी /कोई प्यास /अधरों तक पहुंची है /हुई है /बहुत बदनाम….

इस तरह की कविता का हश्र क्या होगा? मुझसे बेहतर कौन जानता? ये कोरी भावुकता है और लड़कियां ऐसे प्रेम -जाल से बचे यंही मेरी सीख है ये बोगस बातें है.

कॉपी राइट @jogeshwarisadhir


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