REMO bundewal

रेमो बुंदेवाल

रेमो कल मिलने आया था वो मेरे साथ एक ऑफिस मे था वंही की पहचान थी. कल फ़ोन किया -मैडम!आपसे मिलना है.

मै बोली आ जाओ!वो आया. राजस्थान का विनम्र लड़का… बहुत सी बातें हुई. उस ऑफिस की भी जंहा मुझसे आशीष भनवाल मे बदसलुकी की थी. सभी बातें हुई बेटे को भी अच्छा लगा. ज़ब वो गया तो मेरी किताब थी उसके पास. मुझसे बोला -आप मोहन राकेश जैसा लिखों.

तब मैंने उसे नॉवेल दिया. उसने बहुत कुछ कहना चाहा…मैंने भी अपनी बात कही.. हमने अपनी अपनी बात सुनी. जाते वक़्त एक दूजे को समझा कर भी हमारे बीच एक उदासी थी? ये बताती अगली बार

कॉपी राइट @jogeshwarisadhir


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