स्क्रिप्ट के टेक्निकल बातें

स्क्रिप्ट के टेक्निकल बातें

मै ज्यो ज्यों सीरीज लिख रही हूँ स्क्रिप्ट के टेक्निकल बातें या words या termonalogy को सीख रही हूँ यदि कंही स्पेलिंग गलत हो तो सुधारे. मेरा उद्देश्य है मै जो जो सीखती जाऊ आप पाठकों को भी सिखाऊ प्रैक्टिकल और सरल भाषा में.

सबसे पहले तो आप स्क्रिप्ट राइटिंग के लिए अगर कुछ सीख रहें तो गूगल, विकिपीडिया, यूट्यूब सभी जगह से सीखें और हर सीखी चीज को नोट करते चले. आपके पास नोट्स बने होने चाहिए.

एक बात मै पिछले लेख मे बताना भूल गई थी वो थी टाइटल पेज पर टाइटल के साथ आप अपना नाम राइटर मे देंगे और डायलॉग आपके है तो उसमें भी. इस तरह कांसेप्ट आपका है तो उसमें भी आपका नाम होगा. मूवी के कांसेप्ट, आईडिया व प्लाट सब कुछ बिकता है इसलिए जिसका हो उसका नाम जरूर देना चाहिए. जिसने मेहनत की है उसे क्रेडिट जरूर दीजिये.

स्टोरी आपके आईडिया पर है तो आपका नाम कांसेप्ट मे आएगा ही. यदि आपने किसी किताब से स्टोरी ली है तो उसे अडॉप्टेड स्टोरी कहा जाता है.

कोई भी scene का नंबर डालने के बाद Fed in बीचोबीच मे लिखेंगे फिर shot नंबर. और नीचे की लाइन मे slug line होंगी जिसमें int. /ext., day /नाईट, लोकेशन होता है.

फिर करैक्टर का डिस्क्रिप्शन होगा. उसके नीचे एक्शन होगा और फिर प्रॉपर्टी होंगी जो अति आवश्यक सामान की सूची होंगी जो उस scene को शूट करने जरूरी होंगी. अंत मे डायलॉग होंगे जो हर करैक्टर के सामने : ये चिन्ह लगाकर पेज के बीचोबीच मे लिखें जायेंगे. सब कुछ क्लियर होना. कंही भी कंफ्यूज नहीं होना चाहिए.

जब डायरेक्टर स्क्रीन प्ले लिखाता है तो वो स्क्रिप्ट फॉर्मेट मे सॉफ्टवेयर पर होता है. सब कुछ कंप्यूटर पर लिखते है या लैपटॉप पर. और आपकी स्क्रिप्ट रजिस्टर्ड होना बहुत जरूरी है swa से. वरना जो स्क्रिप्ट आपने लिखी है इसपर आप किसी को विश्वास नहीं दिला पाएंगे.

हर एपिसोड के आखिर में जिस दिलचस्पी जगाने वाले मोड़ पर कहानी खत्म होती है उसे hook कहते है. इस तरह स्क्रिप्ट की चालू या प्रचलित भाषा के words को सीखिए जरूर गूगल पर सर्च करने से हर शब्द के अर्थ आपको पता चल जायेगा.

Slug line में टाइम होता है day /नाईट या dusk या फ़्लैश back और continius भी लिखते है जब पिछले shot को उसी वक़्त पर अगले shot में दर्शाते है.

हर करैक्टर के साथ स्क्रीन प्ले में on स्क्रीन या off स्क्रीन लिखते है जैसे करैक्टर की सिर्फ आवाज सुनाई देती है तो इसे off स्क्रीन कहेंगे. अर्थात करैक्टर फिजिकल रूप में प्रेजेंट नहीं है पर उसकी voice सुनाई देती है. किसी मूवी के सूत्रधार off स्क्रीन होंगे जिनकी सिर्फ वॉइस गूंजती है.

@jogeshwarisadhir कॉपीराइट

jogeshwari sadhir | January 13, 2021 at 5:33 pm | Categories: Uncategorized | URL: https://wp.me/pcyDUN-8I

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